कैसे होते है कुछ लोग....

​शौहर ने अपने बिस्तर पर नींद आ जाने से पहले, अपने पहलू मे सोई, अपनी बीवी के चेहरे को गौर से देखा, उसकी प्यारी सी और नर्म व नाजूक शक्ल पर काफी देर गौर करता रहा....

फिर शोहर ने अपने आप से कहा:

" क्या मिस्कीन होती है यू औरत भी, बरसो अपने बाप की मुहब्बत के साये तले अपने घरवालो के साथ पलती बढती है, और अब कहा एक अंजान शख्स के साथ आकर सोई हुई है, और एक अंजान शख्स की खातिर उसने अपने घरबार मा बाप छोडा, वालिदेन का लाड प्यार और नाज नखरा छोडा, अपने घर की राहत और आराम को छोडा, और ऐसे शख्स के पास आई है जो उसे अच्छे की तलकीन और बुराई से रोकता है, अपने शोहर की दिल जान से खिदमत करती है, उसका दिल बहलाती है, उसको राहत व सुकून देती है, ताकि बस उसका रब उससे राजी हो जाए, और बस इसलिए के ये उसके लिए उसके दीन का हुक्म है....

फिर मेने अपने आप से सवाल किया:

कैसे होते है कुछ लोग....

जो बेदारी और बेरहमी से अपनी बीवीयो को मार पिट लेते है, बल्कि कुछ तो धक्के देकर अपने घर से बाहर निकाल देते है, उन्हे वापस अपने मा बाप के उस घर छोड देते है जो वो उसके खातिर छोडकर आई थी....

कैसे होते है कुछ लोग.....

जो बीवीयो को घर मे डाल कर दोस्तो के साथ निकल खडे होते है, होटलो मे जाकर वो कुछ खाते पीते है, जिसका उनके घर मे तसव्वुर भी नही किया जा सकता !!

कैसे होते है कुछ लोग.....

जिनके बाहर उठने बैठने का वक्त, उनके अपने बीवी बच्चो के पास उठने बैठने के वक्त से ज्यादा होता है।

कैसे होते है कुछ लोग.....

जो अपने घर को अपनी बीवी के लिए जैल बनाकर रख देते है, ना उन्हे कभी बाहर अंदर ले जाते है, और ना कभी उनके पास बैठकर उनसे दिल का हाल सुनते सुनाते है.....

कैसे होते है कुछ लोग.....

जो अपनी बीवी को ऐसी हालत मे सुला देते है कि उसके दिल मे किसी चीज की तडप और चुभन होती है, उसकी आंखो मे आंसू थे और उसका गला किसी कहर से दबा जा रहा था......

कैसे होते है कुछ लोग.....

जो अपनी राहत और अपनी बेहतरी के लिए घर छोड कर बाहर निकल खडे होते है, पिछे मुडकर अपनी बीवी बच्चो की खबर तक नही लेते, के उन पर उनके बाहर रहने के अरसे मे क्या गुजरती होगी.....

कैसे होते है कुछ लोग.....

जो ऐसी जिम्मेदारी से भाग जाते है, जिसके बारे मे कयामत के रोज उनसे पुछताछ होगी.....

अपनी #माँऔर#बीवी को बेपनाह इज्जत दीजिये....

इसलिये कि एक तुम्हे दुनिया मेें लाई, और दुसरी सारी #दुनिया छोडकर तुम्हारे पास आई.....

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